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रम्माण यानी रामायण से जुड़ाव यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल चमोली का रम्माण उत्सव बेशाखी अप्रैल में हर वर्ष मनाया जाता मुखौटा नृत्य गणतंत्र दिवस झांकी में शामिल शंकराचार्य से सम्बंध Ramman utsav festival chamoli history hindi 

रम्माण उत्सव का नामकरण प्रायः रामायण से जुड़ाव के कारण रखा गया है, खास इस उत्सव को बनाती है मुखौटा लगाकर नृत्य करने वाले और बिना बोले होता है आयोजन यूनेस्को कर चुका है विश्वधरोहर घोषित चमोली का रम्माण मेला

रम्माण उत्सव

रम्माण Ramman mela

Ramman हर वर्ष अप्रैल यानी बैसाखी के महीने में आयोजित किया जाता है जो की चमोली जिले के सल्लूड गांव में आयोजित किया जाता है मेले कि खास बात यह है की रम्माण को रामायण से जुड़ा माना जाता है जिसमे की आयोजन के आखिरी दिनों में रामायण के कुछ प्रसंगों की प्रस्तुति मुखौटा नृत्य के रूप में प्रदर्शित की जाती है और रामायण के ही तर्ज पर रम्माण नाम भी रखा गया है।

कहा जाता है की रम्माण उत्सव यहां पर बहुत पुराने समय से लगभग 500 वर्षो से मनाया जाता है साथ ही उत्सव को 11 से 13 दिनों के लिए स्थानीय पंचायत द्वारा सयुक्त रूप से मनाया जाता है जिनमे से कुछ गांवों के नाम नीचे दिए गए हैं 

  • डूंग्री 
  • बेरोशी 
  • सेलंग

यहां पर भी रम्माण महोत्सव का आयोजन होता है परन्तु कहते हैं की सल्लूड और डूंग्रा का यह उत्सव ज्यादा विख्यात है।

ramman fest Chamoli
photo credit uk suraj

रम्माण में आयोजन Ramman fair Organization

रम्माण में सामूहिक पूजा अनुष्ठान, गायन, नृत्य आदि का आयोजन मेले के रूप में किया जाता है, रम्माण को यूनेस्को द्वारा 2 अक्टूबर 2009 को विश्व धरोहर के रूप घोषित किया गया है जिसके लिए स्थानीय शिक्षक डॉ० कुशल सिंह भंडारी को इसका श्रेय जाता है जिनकी मेहनत से यह स्थानीय मेला आज विश्व पटल पर विस्ख्यात हो सका और पूर्व में रम्माण उत्सव की झांकी गणतंत्र दिवस के अवसर पर भी देखी गई थी।

डॉ० कुशल सिंह भंडारी जी को उत्तराखण्ड की संस्कृति के लिए इस प्रकार के अद्भुतपूर्व कार्य करने के लिए बहुत – बहुत धन्यवाद।

रम्माण का आयोजन कहां होता है? where Ramman Fair organised

Ramman unesko chamoli
photo credit uk suraj

रम्माण उत्सव (मेले) का आयोजन उत्तराखण्ड के चमोली जनपद के जोशीमठ विकासखंड में पैनखण्डा पट्टी में होता है वहां पर सल्लूड और डूंग्रा, बेरोशी, सेलंग गांव में इस मेले का आयोजन होता है।

रम्माण उत्सव मेले तक पहुंचने के लिए जिलावार रास्ता

 गढ़वाल मार्ग Garhwal marg to Joshimath (Ramman fair)
  • गढ़वाल मार्ग – देहरादून – ऋषिकेश – श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी) – रुद्रप्रयाग – चमोली – कर्णप्रयाग – जोशीमठ
कुमाऊं मार्ग Kumaon marg to Ramman Fest
  • कुमाऊं मार्ग – अल्मोड़ा – चमोली – कर्णप्रयाग – जोशीमठ
जोशीमठ से आसानी से आप मेले तक पहुंच सकते हैं।

रम्माण मेले से जुड़ी अन्य कहानी Story related to Ramman fest

रम्माण उत्सव हिंदी
photo credit uk suraj
रम्माण मेले Ramman fair chamoli से जुड़ी एक अन्य कहानी है जिसके अनुसार यह कहानी आदि गुरु शंकराचार्य से जुड़ी है जिसमे बताया जाता है की मध्यकाल में जब सनातन धर्म यानी हिन्दू धर्म का प्रभाव कम हो रहा था तब शंकराचार्य जी ने चार मठ यानी चार मंदिरों का निर्माण किया और आदि गुरु शंकराचार्य के शिष्यों ने यहां पर यानी चमोली के जोशीमठ में मुखौटा नृत्य कर लोगो में फिर से सनातन धर्म (हिन्दू) पर विश्वास जगाया बाद में यह नृत्य ramman मेले के रूप में यहां प्रचलित हो गया।
सनातन से तात्पर्य उस धर्म से होता है जो कभी खत्म न हो, जो लगातार चलता आ रहा हो।

रम्माण मेले में मुखौटे Ramman festival Mask

Ramman mask fair joshimath
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रम्माण मेले में प्रायः मुखौटों का उपयोग किया जाता है जिसकी वजह से इसे मुखौटा नृत्य भी कहा जाता है साथ ही यह भी रोचक बात है की यह नृत्य बिना कुछ बोले ही किया जाता है ।

मुखोटों के प्रकार Mask types in Joshimath Ramman mela

रम्माण मेला चमोली  में प्रयुक्त मुखौटे दो प्रकार के होते हैं जिनमे से एक तो मनोरंजन के लिए होते हैं वहीं दूसरे प्रकार के मुखौटे देवताओं के मुखौटे होते हैं।
मनोरंजन के मुखौटों को घाे – पत्तर जबकि मनोरंजन के मुखौटों को खल्यारी नाम से पुकारा जाता है।
इन मुखौटों की खास बात यह है की ये मुखौटे शहतूत के पेड़ की बनती हैं जिन्हे बनाने के लिए बेहद मेहनत करनी पड़ती है और शहतूत एक फल है जिसे लोगो द्वारा खाया जाता है।

रम्माण जोशीमठ में नृत्य Dance related to Ramman (Joshimath)

जोशीमठ मेला
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रम्माण उत्सव में अनेक प्रकार के नृत्य हैं जिनका आनंद स्थानीय लोग लेते हैं ये नृत्य स्थानीय लोगो पर आधारित हैं जिसमे व्यापारी, जंगल में जंगली जानवरों, मुखौटा नृत्य, बण्या – बण्याण, माल -मल, कुरू (घास) जोगी, मोर -मोरनी इत्यादि नृत्य किए जाते हैं जिनके लिए 7 जोड़ी ढोल – दमाऊ इन्हे और भी रोमांचित कर देती है।

रम्माण उत्सव चमोली उत्तराखण्ड Ramman utsav chamoli uttarakhand

रम्माण उत्सव बेहद खूबसूरत और रोचकता के साथ -साथ आकर्षक मेला है जिसे देखने की इच्छा मेले के बारे में सुनकर ही होती है साथ ही इसी अप्रैल माह में आयोजित मेले का वीडियो UK SURAJ नाम से एक व्यक्ति द्वारा बनाई गई थी जो लोगो द्वारा शेयर कि गई, जो की बेहद ही आकर्षक थी जिसे लोगो ने बेहद पसंद किया और हमें भी लेख लिखने के प्रेरित किया आपका बहुत – बहुत आभार।

जोशीमठ मेले से जुड़ी अन्य जानकारी other information related to mask fair chamoli

यह वीडियो uK suraj द्वारा बनाई गई है जिस पर वाटरमार्क भी है जिसे हमारे द्वारा हटाया नहीं गया है यदि आपको वीडियो से परेशानी है तो आप हमें कमेंट कर या ईमेल कर जानकारी दे सकते हैं वीडियो हमारे द्वारा हटा दी जायेगी।

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joshimath fair

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