रुपकुण्ड कंकाली झील का रहस्य चमोली में नंदादेवी राजजात मार्ग पर Roopkund chamoli district Place at nanda devi rajjaat mystry of roopkund lake

कंकाली झील रूपकुण्ड उत्तराखण्ड के चमोली जनपद में स्थित यह हिम झील जो सालो से बनी हुयी है रहस्य का प्रतीक आज भी मिलते हैं नर कंकाल देश ही नही विदेशो के भी वैज्ञानिको का है कहना
कंकाली झील यानी रुपकुण्ड skeleton lake Roopkund lake in hindi

रूप कुण्ड कंकाली झील Roop kund skeleton lake

रुपकुण्ड उत्तराखण्ड के चमोली जनपद में समुद्र तल से लगभग 5029 मीटर की ऊचाई पर स्थित है यह झील हिमालय की गोद में अत्यधिक मनोरम स्थल के रूप में जानी जाती है परन्तु यहाँ मिले मानव कंकाल ने इस झील को और अधिक ख्याति दिलाई जिसमे भारत ही नही अनेक देशो के वैज्ञानिक अनेक बार इस झील पर शोध कर चुके हैं !

रूपकुण्ड से जुड़े रहस्य और स्थान Mystry of roopkund and places

रूपकुण्ड चमोली जिले के सीमान्त विकासखण्ड देवाल में नंदादेवी राजजात जो की सबसे बड़ी पैदल यात्राओ में से एक है के पड़ाव के बीच में स्थित है रूपकुण्ड से दैविक कथा भी जुडी है साथ ही इससे अनेक प्रकार के मत भी जुड़े हैं की आखिर यहाँ क्यों नर कंकाल पाये जाते हैं ? परन्तु तमाम वैज्ञानिक शोधों के बाद भी यह स्पष्ट नही हो पाया की इस स्थान पर मिलने वाले इन नर कंकालो का कारण क्या है ?

 

बैरास कुण्ड (रावण की तपोस्थली)

 

रूपकुण्ड तक रास्ता Roopkund trek

रूपकुण्ड की बात करें तो यहाँ साल के छ: महीने बर्फ की चादर बिछी होती है जिसमे यह कुण्ड जमा रहता है और यहाँ पहुचने के लिये आपको पहले उत्तराखण्ड के चमोली जिले में पहुचना होगा इसके बाद कर्णप्रयाग से देवाल थराली तक पहुचना होगा, सड़क मार्ग के बाद शुरू होता है ट्रेकिंग यह स्थान अत्यधिक ऊचाई पर स्थित है जिस कारण यहाँ तक गाडी नही जा सकती और आपको इस स्थान तक पहुचने के लिये लम्बी पैदल दुरी तय करनी पड़ेगी और यह दुरी अत्यधिक दुर्गम स्थानों में से एक है |
रूपकुण्ड प्रायः त्रिशूल जैसी दिखने वाली तीन चोटी जिन्हें की त्रिशूल पर्वत के नाम से जाना जाता है के गोद में बसी एक सुन्दर झील है जो की लगभग 12 मीटर लम्बी और 10 मीटर चौड़ी झील है और लगभग 2 मीटर गहरी झील है यह झील पर्यटन के लिहाज से अत्यधिक महत्वपूर्ण झील है जो की साल के अधिकतर समय बर्फ से जमी रहती है |

कंकाली झील यानी रूपकुण्ड की खोज Discovery of Roopkund or kankali jhil

चमोली जिले का रूपकुण्ड जिसे की कंकाली झील उसमे मिलने वाले कंकालो के कारण कंकाली झील के रूप में जाना जाता है की खोज ब्रिटिश फारेस्ट रेजर एच. के. माधवल ने साल 1942 में खोजी थी जब वह गस्त पर निकले थे|

रूपकुण्ड से जुडी कथा Story related to Roopkund

रूपकुण्ड से जुडी अनेक कथाये हैं इनमे से कुछ कथाये नजदीकी स्थानों या यूँ कह लें लोकल की कथाओ से ली गयी है जबकि कुछ पौराणिक कथाये हैं और इनके बाद भी कुछ अन्य कहानियाँ या तर्क वैज्ञानिको द्वारा यहाँ मिलने वाले कंकालो की वजह से दिये गये हैं जिनमे से कुछ कथाये हमारे द्वारा नीचे जोड़ी जा रही हैं

रूपकुण्ड कंकाली झील से जुडी पहली कथा First story related to Roopkund skeleton lake

कंकाली झील से जुडी एक कहानी के अनुसार एक बार एक भारतीय राजा इस स्थान की यात्रा पर आये थे परन्तु अचानक आये तूफान में राजा और उनके सेवको की मृत्यु हो गयी जिस कारण इस स्थान पर ये शव या मानव कंकाल पाये गये |

 

माँ चन्द्रबंदिनी टिहरी गढ़वाल

 

कंकाली झील से जुडी दूसरी कथा another story of Skeleton lake

रूपकुण्ड से जुडी अन्य कथा के अनुसार एक बार भारतीय सैनिक जब तिब्बत पर हमला करने गये थे परन्तु वे किसी कारण से लौट आये और यहाँ किसी घटना के शिकार हो गये |

रूपकुण्ड चमोली से जुडी तीसरी कहानी another story of Roopkund chamoli

रूपकुण्ड से जुडी एक कहानी के अनुसार हो सकता है की ये लोग किसी प्रकार के कुरोग से ग्रसित होंगे और इस रोग से बचने के लिये इन लोगो को इस स्थान पर दफनाया गया होगा |

रूपकुण्ड या कंकाली झील उत्तराखण्ड से जुडी अन्य कथा Roopkund or skeleton lake uttarakhand another story

यहाँ के लोकगीतों में एक कथा का वाचन किया जाता है जिसमे कहा जाता है की एक बार नन्दा देवी यानी पार्वती ने एक तूफान बनाया था जिससे की जो भी इस तूफान को पार करने की कोशिश करता उसकी मृत्यु इस झील में हो गयी |
  • रूपकुण्ड से जुड़े शोध
कंकाली झील से जुड़े अनेक शोध भारत ही नही अनेक देशो के द्वारा झील का सच जानने के लिये सालों तक शोध किये गये जिसमे की अमेरिका, जर्मनी के अनेक संस्थान शामिल थे परन्तु यह शोध किसी भी नतीजे तक नही पहुच पायी !
परन्तु शोध में कुछ महत्वपूर्ण बातें निकल कर सामने आयी जैसे की इनमे बच्चों के कंकाल नही हैं, कंकाल उच्चे कद के पुरुष और महिलओं के हैं, न ही यहाँ किसी प्रकार के रोग से जुड़े बैक्टीरिया या वायरस के अवशेष मिले हैं और सभी कंकाल एक ही समय और समुदाय के बिलकुल नही हैं बल्कि इनमे मिलने वाले कंकाल अन्य देशो के लोगो से मिलते जुलते पाये गये हैं
अतः यह स्थान आज भी रहस्य का प्रतीक बना हुआ है की इस स्थान पर आखिर इतने सारे मानव कंकाल ओ भी विविध स्थानों के क्यों पाये जाते हैं आप अपनी राय कमेंट कर बता सकते हैं

रूपकुण्ड यानी कंकाली लेक से जुडी जानकारी Information o Roopkund skeleton lake

रूपकुण्ड यानी कंकाली लेक से जुडी अधिक से अधिक से अधिक जानकारी हमारे द्वारा आपको प्रदान की गयी है यदि आपके पास इससे और अधिक जानकरी हो तो आप हमे कमेन्ट कर जानकरी प्रदान कर सकते हैं या हमें ईमेल कर सकते हैं हम आपकी जानकरी को जल्द से जल्द यहाँ जोड़कर लोगो तक आपके द्वारा प्रदान की गयी जानकारी को पहुचाएंगे |

2 thoughts on “कंकाली झील यानी रुपकुण्ड skeleton lake Roopkund lake in hindi

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