Lord Rama Directly related to indian festival diwali ravan rama war ramayana and diwali relation दिपावली और राम में सम्बन्ध रामायण रिलेशन

श्री राम रामायण युद्ध का दिवाली से क्या है सम्बन्ध अयोध्या श्री लंका, श्री राम-लखन, रावण से सबन्धित  क्या हुआ था की दिपावली मनाते हैं हर साल

Diwali and Lord Rama relation Diwali and Lord Rama relation

दिपावली Dipawali

दिपावली हिन्दुवों का प्रमुख त्यौहार है जिसे रोशनी के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है |
दिपावली प्रायः दो शब्दों से मिलकर बना है यानि दिपावली का अर्थ
  • दीप + आवली जिनका अर्थ क्रमशः दीपक और श्रृखला यानि श्रृखला यानि में दिपक होता है |
दिपावली भारत में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है जिसे विश्व के अनेक देश भी भारत की तरह ही मानते हैं जिनमे से श्री-लंका, थाईलैंड, मलेशिया, नेपाल,मारीशस, म्यामार, जापान, इंडोनेशिया इत्यादि देश शामिल हैं |

भगवान श्री राम कौन थे Who was lord Rama

भगवान श्री राम भरत वंशी राजा दशरथ और माता कौशल्या के पुत्र थे एवं भगवान श्री राम पुरुषोतम थे जिन्हें की रामचन्द्र के नाम से भी जाना जाता था भगवान श्री राम विष्णु के सातवें अवतार थे |

 

विष्णु भगवान के कृष्ण अवतार और राम अवतार से सम्बन्धित है यह स्थान लाखामंडल

 

दिपावली और श्री राम-रावण युद्ध का सम्बन्ध Relation between Dipawali and lord Rama War

भगवान श्री राम को राजा बनने से पहले 14 वर्ष का वनवास करना पड़ा था जिस दौरान राम और रावण का युद्ध हुआ, युद्ध में भगवान राम द्वारा रावण पर विजय पाने जिसके बाद अयोध्या पहुचने पर अयोध्या वाशियों ने भगवान श्री राम के आने पर दीपक जलाकर, बड़े ही हर्ष उल्लास से उनका स्वागत किया था, अतः वह दिन जब भगवान राम अयोध्या पहुचे थे पुरे विश्व में दिपावली के पर्व के रूप में मनाया जाता है |
और दशहरा के दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है |

भगवान राम और रावण युद्ध क्यों हुआ था Why Lord Rama and Ravana War happened

रावण की बहन सुपर्न्खा द्वारा पहले राम फिर लक्ष्मण जी से विवाह प्रस्ताव रखा गया जिसे भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी ने ठुकरा दिया, जिसकी वजह सुपर्न्खा ने सीता माता को माना और उनकी और बढ़ी जिसे देख लक्ष्मण जी क्रोधित हो गये और उन्होंने सुपर्न्खा की नाक काट दी |

यह पूरी बात सुपर्न्खा द्वारा रावण को बताने पर रावण द्वारा प्रतिशोध लेने के लिये सीता माता का अपहरण किया गया जिसके बाद भगवान राम और रावण का भीषण युद्ध हुआ और अंत में रावण का अंत भगवान श्री राम के हाथो हुआ जिसे की पुरे संसार में दिपावली यानि रौशनी के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है |

रामायण (राम-रावण) सबन्धी सुझाव Ramayana Rama – Ravan suggestions

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