Badhan garhi chamoli Badhan mandir gwaldam rajjaat best trekking temple in chamoli badan raj jaat hindi बधाणगढ़ी नारायण बगड़ चमोली बधाण मंदिर ग्वालदम

बधाणगढ़ी चमोली ग्वालदम 4 किमी० काली माता भगवान शिव को समर्पित उत्तराखण्ड बधाणगढ़ी मंदिर चमोली नारायण बगड़ व गैरसैण मल्ली स्युणी राजजात आयोजन सम्पूर्ण जानकारीबधाणगढ़ी चमोली Badan garhi temple chamoli hindi story

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बधाणगढ़ी चमोली

बधाणगढ़ी चमोली जिले के ग्वालदम नामक स्थान से मात्र 4 किमी० की दुरी पर स्थित मंदिर है मंदिर काफी उचाई के साथ ही सुन्दर प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर है आसपास के सुन्दर नज़ारे मंदिर पर चार चाँद लगा देते हैं |

महामृत्युंजय महादेव शिव मंदिर देवीधुरा, नारायण बगड़

बधाणगढ़ी चमोली

बधाणगढ़ी मंदिर से From badhan garhi temple view

  • नंदा देवी
  • त्रिशूल
  • पंचचुली पर्वत श्रृखलाए दिखाई देती हैं

बधाणगढ़ी के मंदिर के विषय में कहा जाता है की मंदिर का निर्माण कत्युरी शासनकाल में 8 वीं से 12वीं शताब्दी के दौरान किया गया था और मंदिर की उचाई समुद्र तल से लगभग 2260 मी० की उचाई पर स्थित है |

बधाणगढ़ी मंदिर से

बधाणगढ़ी मंदिर का नाम

बधाणगढ़ी मंदिर का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है एक बधाण और दूसरा गढ़ी, बधाण से तात्पर्य काली माता और शिव का मंदिर है जबकि गढ़ी का अर्थ ऊचाई से है जिनके सयुक्त नाम से बधाणगढ़ी मंदिर नाम पढ़ा |

बधाणगढ़ी मंदिर को एक और नाम से भी जाना जाता है जो की दक्षिणेश्वर काली माँ बधाणगढ़ी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है |

बधाणगढ़ी मंदिर का नाम

बधाणगढ़ी – मल्ली स्युणी जात का आयोजन Jaat between Badan garhi – Malli syuni

view from khankara mahdev
बधाणगढ़ी – मल्ली स्युणी जात का आयोजन का दृश्य

बधाणगढ़ी मंदिर का एक और पढाव है जिसमे लगभग हर बारह सालों में एक जात के रूप में आयोजन होता है और इस जात का आयोजन नारायण बगड़ – ग्वालदम के बधाणगढ़ी मंदिर और गैरसैंण ब्लॉक के मल्ली स्युणी के बीच होता है जिसमे लगभग 22 किमी० का जंगली रास्ता साथ ही खड़ी चढाई (ट्रेकिंग) है और ख़ास बात यह है की बधाणगढ़ी (ग्वालदम) जात और मल्ली स्यूणी (गैरसैंण ब्लॉक) जात का आयोजन जंगल के रास्ते होता है इसमें पुरे चमोली जिले से और उत्तराखण्ड के तमाम हिस्सों से श्रद्धालु पहुचते हैं जात के समय रात को जंगल के बीच रुका जाता है (कैम्पिंग) जहाँ की रातभर भजन और पौराणिक गीतों के साथ जात को आगे बढाया जाता है |

और फिर सुबह आगे की ओर बढ़ते हैं जो की खांकरा महादेव मंदिर की ओर होता है यहीं मंदिर के निकट स्थित एक विशाल मंदिर में दोनों जातों का आयोजन होता है तथा जात के विषय में और जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

खांकरा महादेव मंदिर

बधाणगढ़ी मंदिर ग्वालदम मार्ग way to badan garhi temple hindi

Badan Garhi chamoli उत्तराखण्ड के चमोली जनपद में कर्णप्रयाग – बागेश्वर मार्ग के बीच स्थित है साथ ही मंदिर चमोली (गढ़वाल) – बागेश्वर (कुमाऊ) मण्डल के मध्य है जिसमे रोचक बात है की मंदिर चमोली जनपद के एक छोर पर सीमा पर है परन्तु दुसरी ओर चमोली (गढ़वाल) और अल्मोड़ा (कुमाऊ) के नजदीक मल्ली स्युणी से जात आयोजन का केन्द्र भी है और यह भी गढ़वाल- कुमाऊ मण्डल के सीमा के निकट है |

बधाणगढ़ी मंदिर मार्ग way to badan garhi temple

गढ़वाल मार्ग Garhwal marg to Badan garhi mandir

गढ़वाल मार्ग – देहरादून – ऋषिकेश – श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी) – रुद्रप्रयाग – चमोली – ग्वालदम (4km) – बधाणगढ़ी मंदिर

कुमाऊं मार्ग Kumaon marg to badhan garhi temple

कुमाऊं मार्ग – अल्मोड़ा – चमोली – चमोली – ग्वालदम (4km) – बधाणगढ़ी मंदिर

ब्यासी लाटू देवता मल्ली स्यूणी

बधाणगढ़ी ग्वालदम संबधी जानकारी Badaan garhi details hindi

हमारे द्वारा आपके लिए बधाणगढ़ी मंदिर से सम्बन्धी अधिक से अधिक जानकारी प्रदान की गई है यदि आप किसी प्रकार का सुझाव या जानकारी देना चाहते हैं तो आप कॉमेंट या ईमेल के जरिए हमसे सम्पर्क कर सकते हैं आपके नाम के साथ जानकारी को शेयर किया जायेगा| (ईमेल करने के लिए क्लिक करें)

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